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ऑगस्ट, २०२५ पासूनच्या पोेस्ट दाखवत आहे

रात तुझी साथ तुझी

रात तुझी साथ तुझी तुझीच मी रे  प्रीत तुझी, जीत तुझी तुझीच मी रे जलमाची कास तू रे  मिलनाची आस तू रे जगण्याची आस तू रे  झुंजण्याची जिद्द तू रे

क़िस्मत की थोड़ी थोड़ी

 क़िस्मत की थोड़ी थोड़ी  होने लगी है बारिश  मौसम का रंग है बदला  होने को पूरी है ख़्वाहिश  ख़त्म हुआ इंतज़ार  ऐसा हुआ पहली बार  दिल को तेरा हुआ एतबार